हुज़ूर आला हज़रत رضی اللہ تعالٰی عنہ का पाकीज़ह् बचपन का मुख़्तशर ताअरूफ़
आला हज़रत ने साढ़े तीन साल की उम्र में अरबी में गुफ़्तगू की
इमाम अहमद रज़ा खां رضی اللہ تعالیٰ عنہ ने इरशाद फ़रमाया कि :-
*"मैं मस्जिद के सामने खड़ा था। उस वक़्त मेरी उम्र साढ़े तीन साल की होगी। एक साहब अरबी लिबास पहने हुए तशरीफ़ लाए। देखने से मअलूम होता था कि अरबी हैं। उन्होंने मुझसे अरबी ज़बान में गुफ़्तगू फ़रमाई। मैंने फ़सीह अरबी में उनसे गुफ़्तगू की।फ़िर उस बुज़ुर्ग हस्ती को कभी न देखा"*
📚अनवार उल बयान , जिल्द 1, सफ़ा 335
📚सवानेह आला हज़रत, सफ़ा 95
📚तज़किरह् खानदान ए आला हज़रत , सफ़ा 62
✒✒ मिन जानिब :- मेम्बरान इल्म की रौशनी
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