Aitraaz Ki Surat Mein Bake Jane Wale Kufriyat

ऐतराज़ की सूरत में बके जाने वाले कुफ़्रियात


1. जब अल्लाह तआला ने मुझे दुनिया में कुछ नहीं दिया तो आखिर पैदा ही क्यों किया! *ये कौल कुफ़्र है*
📚फ़तावा आलमगीरी, जिल्द 2,  सफ़ा 262

2. किसी मिस्कीन ने अपनी *मोहताजी* को देख कर ये कहा, अल्लाह ﷻ फुलां भी तेरा बंदा है, उसे तूने कितनी नेअमतें दे रखी है और एक मैं भी तेरा बंदा हूँ मुझे किस क़दर रंज व तकलीफ़ देता है! आख़िर ये क्या इंसाफ है?
📚बहार ए शरीअत , हिस्सा 9,सफ़ा 17

3." कहते हैं अल्लाह ﷻ *सब्र* करने वालों के साथ है। मैं कहता हूं ये सब बकवास है"।

4. जिन लोगों को मैं प्यार करता हूँ वह परेशानी में रहते हैं और जो मेरे दुश्मन होते हैं अल्लाह ﷻ उनको बहुत खुशहाल रखता है।

5. काफ़िरों और मालदारों को राहतें और नादारों पर आफतें! बस जी अल्लाह तआला के घर का तो सारा निज़ाम ही उल्टा है ।

6. अगर किसी ने अपनी या किसी अज़ीज़ की बीमारी, गुरबत या मुसिबत की ज़ियादती की वजह से अल्लाह तआला पर इस तरह ऐतराज़ किया मसलन,
*"ऐ मेरे रब! तू क्यूँ ज़ुल्म करता है? हालाँकि मैं(या उस) ने तो कोई गुनाह किया ही नही" तो वह कहने वाला काफ़िर है*।

📚28 कलिमाते कुफ़्र , सफ़ा 5-6

*इंशाअल्लाह आगे जारी रहेगा....*

✒✒मिन जानिब:- मेम्बरान इल्म की रौशनी

Follow this link to join my WhatsApp group: https://chat.whatsapp.com/C00MxmNGKOWIAjRbdvxaSD

Post a Comment

0 Comments