Azaan Ka Hukm Aur Kaun Azaan Nahi Kah Sakta Hai?

अज़ान का हुक्म


➡ *मस्अला* :- वक़्त होने के बाद अज़ान कही जाए । अगर वक़्त से पहले कही गई तो वक़्त होने पर फ़िर कही जाए ।
📚बहार ए शरीअत , ज़िल्द 1, हिस्सा 3 ,सफ़ा 465 
📚क़ानून ए शरीअत , हिस्सा 1 , सफ़ा 100
📚दुर्रे मुख़्तार

➡ *मस्अला* :- पांचों वक़्त की फ़र्ज़ नमाज़ और उन्हीं में जुम्आ भी है, जब जमाअत ए मुसतहब् के साथ मस्जिद में वक़्त पर अदा किए जाएं तो उन के लिए अज़ान सुन्नत ए मौकिदा है और इस का हुक्म मिस्ल वाजिब है, अगर अज़ान न कही गई तो वहां के सब लोग गुनहगार हो गए। *मस्जिद में बेला अज़ान व इक़ामत जमाअत पढ़ना मकरुह् है*।
📚दुर्रे मुख़्तार, जिल्द 2, सफ़ा 60
📚बहार ए शरीअत, जिल्द 1, हिस्सा 3, सफ़ा 464
📚क़ानून ए शरीअत, हिस्सा 1, सफ़ा 100 - 101

❓ कौन अज़ान नहीं कह सकता है?


*मस्अला*
▶ *नासमझ बच्चे , जुनुब और फ़ासिक़* अगरचे आलिम ही हो *उनकी अज़ान मकरूह है* लिहाज़ा उन सबकी *अज़ान का इआदह्* किया जाए । (दोहराया जाए) 

📚दुर्रे मुख़्तार , जिल्द 2 , सफ़ा 75, 
📚बहार ए शरीअत , जिल्द 1 ,हिस्सा 3 ,सफ़ा 466 
📚अनवार उल हदीस , सफ़ा 138 

*तमाम इमाम साहेबान से गुज़ारिश है कि इस मस्अले पर अपनी-अपनी मसाजिदों का जायज़ा लें*

✒✒ मिन जानिब:- मेम्बरान इल्म की रौशनी

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