बोहनी के मुतल्लिक़ ग़लत ख़्यालात
ख़रीद व फ़रोख़्त के मामले में सवेरे जो सबसे पहले रक़म हासिल होती है, उस को बोहनी कहते हैं।
आम तौर से लोग पहली सौदा न पटे और पहला ग्राहक वापस चला जाए तो उस बात को बुरा मानते हैं और कहते हैं कि बोहनी ख़राब हो गई और इस से सारे दिन की दुकानदारी के लिए बुरा शगुन लेते हैं।
ये सब काफ़िरों और ग़ैर मुस्लिमों की बातें और वहम परस्तियाँ हैं, जो मुसलमानों में भी पैदा हो गई हैं। एक मुसलमान के लिए ज़रूरी है कि वह इन ख़्यालात को दिल में जगह न दे और ये अक़ीदा रखे कि नफ़आ-नुक़्सान का मालिक अल्लाह तआला है जब जिस को जो चाहे अता फ़रमाए और बोहनी ख़राब होने से कुछ नहीं होता।
📚ग़लत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह, सफ़ा 137
✒✒मिन जानिब:- मेम्बरान इल्म की रौशनी
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Bohni Ke Mutalliq Galat Khyalat
ILM KI RAUSHNI
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