Chhoti Takti Mein Quran

छोटी तकतीअ में क़ुरआन


➡ *कुछ लोग बहुत ज़्यादा बारीक ख़त में लिखे हुए और बहुत छोटे साइज़ में क़ुरआन छापते हैं जिन्हें हमाइल शरीफ कहा जाता है बच्चों के गले में डालने के लिए तावीज़ की तरह पूरे क़ुरआन को बहुत बारीक और छोटा कर देते हैं यह नाजाइज़ है।*

दुर्रे मुख्तार में हैः                                                                        يكره تصغير مصحف
यानी क़ुरआने करीम को छोटा बनाना  मकरूह है।
📚दुर्रे मुख्तार ,किताब हजर वल इबाहत फस्ल फिलबैअ,जिल्द2, सफ़ा 245

आला हज़रत फ़रमाते हैं:
हजरत उमर फारूक़ ए आज़म رضي الله عنه‎‎ ने एक शख़्स के पास क़ुरआन मजीद बारीक लिखा हुआ देखा इसको मकरूह रखा और उस शख़्स को मारा।
📚फ़तावा रज़विया,जिल्द 4, सफ़ा 610
📚ग़लत फ़हमियां और उनकी इस्लाह, सफ़ा 149-150

✒✒मिन जनिब:- मेम्बरान इल्म की रौशनी

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Chhoti Takti Mein Quran 

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