Gumshuda Sui

गुमशुदा सुई


उम्मुल मोमिनीन हज़रत आइशा सिद्दीक़ा رضی اللہ تعالٰی عنہا रिवायत फ़रमाती हैं :- 
मैं सेहरी के वक़्त घर में कपड़े सी रही थी कि अचानक सुई हाथ से गिर गई और साथ ही चिराग़ भी बुझ गया। 
इतने में मदीने के ताजदार, मम्बा ए अनवार “ﷺ” घर में दाख़िल हुए और सारा घर मदीने के ताजवर “ﷺ” के चेहरा ए अनवर के नूर से रौशन व मुनव्वर हो गया और गुमशुदा सुई मिल गई।

📚अल क़ौलूल बदई, सफ़ा 2
📚ज़ौक़ ए नात, सफ़ा 29

चेहरा ए अनवर से जब पर्दा हटाएं मुस्तफ़ा ﷺ .
गुमशुदा सुई मिले जब मुस्कुराएं मुस्तफ़ा ﷺ .
✍️कलाम ए *हुज़ूर गुलज़ार ए मिल्लत*

✒️✒️मिन जानिब:- इल्म की रौशनी

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Gumshuda Sui 

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