हाथ उठा कर या सिर्फ़ इशारे सलाम का जवाब देना
सलाम करने या सलाम का जवाब देने में आज कल सिर्फ़ इशारा कर देना या हाथ उठा देना या थोड़ा सा सर हिला देना काफी रायज हो गया है ।
हालांकि इस तरह सलाम की सुन्नत अदा नहीं होती और अगर किसी ने सलाम किया और उसके जवाब में सिर्फ़ यही किया मुँह से वाअलैकुम अस्सलाम या व अलैकस्सलाम न कहा तो गुनाहगार भी हुआ ,
*आला हज़रत फ़रमाते हैं*:-
"बंदगी आदाब, तसलिमात वगैरह अल्फ़ाज़ सलाम से नहीं और सिर्फ़ हाथ उठा देना काफ़ी नहीं जब तक उसके साथ कोई लफ़्ज़े सलाम न हो"
📚 फ़तावा रज़वीया, जिल्द 10, सफ़ा 198
📚ग़लत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह , सफ़ा 104
✒✒मिन जानिब:- मेम्बरान इल्म की रौशनी
https://youtu.be/WjvqJuBODD0
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