क़ुर्बानी का बयान
ज़बह से पहले क़ुर्बानी के जानवर से मनफ़अत (फ़ायदा) हासिल करना मना है, मसाइल
(पार्ट 24)
3️⃣3️⃣ ज़बह से पहले क़ुर्बानी के जानवर के बाल अपने किसी काम के लिए काट लेना या उसका दूध दुहना मकरूह व ममनूअ है और क़ुर्बानी के जानवर पर सवार होना या उस पर कोई चीज़ लादना या उसको उज़रत पर देना ग़र्ज़ उससे मुनाफ़ा हासिल करना मना है अगर उसने ऊन काट ली या दूध दुह लिया तो उसे सदक़ा कर दे और उजरत पर जानवर को दिया है तो उजरत को सदक़ा करे और अगर ख़ुद सवार हुआ या उस पर कोई चीज़ लादी तो उसकी वजह से जानवर में जो कुछ कमी आई उतनी मिक़दार में सदक़ा करे।
3️⃣4️⃣ जानवर दूध वाला है तो उसके थन पर ठंडा पानी छिड़के कि दूध ख़ुस्क हो जाए अगर उससे काम न चले तो जानवर को दुह कर दूध सदक़ा करे।
3️⃣5️⃣ जानवर ज़बह हो गया तो अब उसके बाल को अपने काम के लिए काट सकता है और अगर उसके थन में दूध है तो दुह सकता है कि जो मक़सूद था वो पूरा हो गया अब ये उसकी मिल्क है अपने सर्फ़ में ला सकता है।
📚 बहार ए शरीअत, जिल्द 3, हिस्सा 15, सफ़ा 345
जारी है.....
✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी
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Jabah Se Pahle Qurbani Ke Janwar Se Manfat (Fayda) Hasil Karna Mana Hai, Masail Part 24
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