ख़ुत्बा ए जुमा में उर्दू अश्आर पढ़ना
*ख़ुत्बा ए जुमा सिर्फ अरबी जबान में पढ़ना सुन्नत है किसी और जबान में ख़िलाफ़े सुन्नत*, उर्दू अश्आर अगर पढ़ना हों तो वह अज़ान ए ख़ुत्बा से पहले पढ़ लिया जाए।
यानी दूसरी अज़ान के बाद जो ख़ुत्बा पढ़ा जाता है ये *अरबी के अलावा और किसी जबान में पढ़ना सुन्नत के खिलाफ़ है* ।
📚फ़तवा रज़वीया, जिल्द 3, सफ़ा 751
📚ग़लत फ़हमियाँ और उनकी इस्लाह, सफ़ा 30
✒✒मिन जानिब:- मेम्बरान इल्म की रौशनी
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