लड़कों की शादी में बजाए वलीमे के मंढ़िया करना
➡ *लड़के की शादी में जो ज़ुफ़ाफ यानी बीवी और शौहर के जमा होने के बाद सुबह को अपनी बिसात के मुताबिक़ मुसलमानों को खाना खिलाया जाए उसे 'वलीमा' कहते हैं और यह सय्यिदे आलम “ﷺ” की मुबारक सुन्नत है काफी हदीसों में इसका ज़िक्र है।*
सरकार “ﷺ” ने खुद वलीमे किये और सहाबा किराम को भी उस का हुक्म दिया मगर आजकल काफी लोग शादी से पहले दावते करके खाना खिलाते हैं जिसको मंढ़िया कहा जाता है, वलीमा ना करना उसकी जगह मंढ़िया करना खिलाफे सुन्नत है मगर लोग रस्मो-रिवाज पर अड़े हुए हैं और अपनी सनद और हटधर्मी या नावाकिफी की बुनियाद पर रसूले करीम “ﷺ” की इस मुबारक और प्यारी सुन्नत को छोड़ देते हैं ।
*इस्लाम के हर क़ानून में हज़ारों मसलेहतें हैं, मंढ़िया ममनू और वलीमा सुन्नत होने में एक बड़ी हिकमत यह है कि अगर निकाह से पहले ही खाना खिला दिया तो हो सकता है किसी वजह से निकाह ना होने पाए और कई बार ऐसा हो भी जाता है तो इस सूरत में वह निकाह से पहले के तमाम इखराजात बे मकसद और बोझ बनकर रह जाते हैं ।*
📚ग़लत फ़हमियां और उनकी इस्लाह , सफ़ा 63-64
✒✒मिन जानिब:- मेम्बरान इल्म की रौशनी
Follow this link to join my WhatsApp group: https://chat.whatsapp.com/E5FBRpd1YRbGwPaNPNN0EL
Ladko Ki Shadi Mein Bajaye Wali me Ke Mandhiya Karna
0 Comments