Lockdown Curfew Ki Wajah Se Taraweeh Mein Masjid Ke Padosiyon Ka Apne Apne Gharon Se Imam E Masjid Ki Iqtida Karna Kaisa?

लॉक डाउन कर्फ़्यू की वजह से तरावीह में मस्जिद के पड़ोसियों का अपने - अपने घरों से इमाम ए मस्जिद की इक़्तदा करना कैसा?


क्या फ़रमाते हैं औलमाए दीन व मुफ़्तीयाने शरअ मतीन मसला ए ज़ेल में कि अगर नमाज़ ए तरावीह लाउड स्पीकर से अदा की जाए तो लॉक डाउन के मद्दे नज़र मस्जिद के बगलगीर अफ़राद अपने घरों में इमाम ए  मस्जिद की इक़्तदा में नमाज़ ए तरावीह अदा कर सकते हैं या नहीं? बयनु तुजरु! 

*जवाब :-*
सेहते इक़्तदा की शर्तों में से एक शर्त इमाम व मुक़तदी दोनों का एक मकान में होना भी है (ख़्वाह ये इतेहादे मकान हक़िक़ी हो या हुक्मी,
हक़िक़ी की मिसाल यह है इमाम व मुक़तदी दोनों एक ही मस्जिद या घर में हों और हुक्मी की मिसाल यह है कि इमाम व मुक़तदी दोनों अलग - अलग मक़ाम पर हों लेकिन उन की सफ़ें मुतस्ल हों दरमियान में दो सफ़ की मिक़दार जगह खाली ना हो)! अगर उन में से एक शर्त भी मफ़क़ुद हो तो इक़तदा दुरुस्त नहीं!
अल्लामा इब्ने आबेदिन शामी رحمۃ اللہ تعالٰی علیہ तहरीर  फरमाते हैं!

*الصغریٰ ربط صلوٰۃ المؤتم بالامام بشروط عشرة نية المؤتم الاقتداء ، واتحاد مكانهما و صلوٰتھما ۔ ( قوله اتحاد مكانهما) فلو اقتدی راجل براکب او بالعکس او راکب براکب دابة اخرى لم يصح لاختلاف المكان فلو كانا على دابة واحدة صح لاتحاده كما فى الشامية*-

*तर्जमा :-* सुग़रा में है कि मुक़तदी की नमाज़ का इमाम के साथ रब्त की दस शर्तें हैं, इक़्तदा की नियत करना, इमाम और मुक़तदी दोनों के मकान और नमाज़ का एक होना.... (मातिन का क़ौल उन दोनों यानि इमाम व मुक़तदी के मकान का मुतहीद होना) इस का मतलब यह है कि अगर सवार ने पैदल की या पैदल ने सवार की इक़्तदा की या इमाम व मुक़तदी दोनों दो अलग - अलग सवारियों पर हैं तो इक़्तदा सही नहीं इस लिए कि दोनों के मकान मुख़्तलिफ़ हैं! और अगर दोनों एक ही सवारी पर हैं तो पिछे वाले का आगे वाले की इक़्तदा करना सही है इस लिए कि दोनों के मकान मुतहीद हैं!
📚फ़तावा शामी, जिल्द 1, सफ़ा 549 - 550

हाँ अगर किसी का घर मस्जिद की छत से बिल्कुल मुतसील हो बीच में रास्ता ना हो और इमाम का हाल उस से मुश्तबा भी ना हो तो इक़्तदा कर सकता है जब कि और दिग़र शरायत ए इक़तदा भी पाए जायें वरना इक़्तदा दुरुस्त नहीं!
फ़तावा आलमगिरी में है!

*و یجوز اقتداء جار المسجد بامام المسجد و ھو فی بیته اذا لم يكن بينه و بين المسجد طريق عام و ان كان طريق عام و لكن سدته الصفوف جاز الاقتداء لمن فى بيته بامام المسجد*-

*तर्जमा :-* मस्जिद के पड़ोसी का अपने घर से इमाम मस्जिद की इक़्तदा करना जायज़ है जबकि उस के और मस्जिद के दरमियान आम रास्ता न हो और अगर आम रास्ता हो मगर उस को सफों से बंद कर दिया गया है तो भी इक़्तदा जायज़ व दुरुस्त है!
📚 फ़तावा आलमगिरी, जिल्द 1, सफ़ा 88

सूरते मौसुला में अगर मस्जिद के पड़ोसियों के घर मस्जिद से बिल्कुल मुतसील हैं दरमियान में एक बैल गाड़ी गुज़रने के बराबर या दो सफ़ लगने की मिक़्दार (8 फ़ीट त) जगह भी खाली नहीं है तो उन लोगों का अपने घर से इमाम ए मस्जिद की इक़्तदा करना जायज़ व दुरुस्त है वरना नहीं। और तजुर्बा शाहिद है बहुत कम ऐसे मकानात होते हैं जिस में एतेहाद मकानी हक़ीक़तन या हुक्मा पाए जायें। अक्सर मकानात ऐसे बने होते हैं जिस में किसी भी एतबार से एतेहाद मकानी नहीं पाए जाते फ़लिहाज़ा उन घरों से इमाम ए मस्जिद की इक़्तदा करना हरगिज़-हरगिज़ जायज़ नहीं!
वाजेह रहे कि लाउड स्पीकर पर नमाज़ का मसला औलमाए हक़ के माबैन  मुख़्तलिफ़ फ़ी है इस लिए इख़्तेलाफ़ व इन्तेशार से बचने के लिए लाउड स्पीकर के साथ मुकबीर का भी इन्तेजाम हो। महज़ लाउड स्पीकर के इस्तेमाल से कई मफ़ासिद दर पेश होने के इम्कानात  हैं। इसलिए सिर्फ़ लाउड स्पीकर के ईस्तेमाल से बचना चाहिए।

واللہ تعالیٰ اعلم بالصواب۔

*"कतबः" :-  मुफ़्ती मुहम्मद रिज़वान अहमद मिस्बाही रामगढ़, झारखंड*
📱9576545941

✒️✒️मिन जानिब :- रज़वी दारुल इफ़्ता व
✒️✒️ इल्म की रौशनी

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Lockdown Curfew Ki Wajah Se Taraweeh Mein Masjid Ke Padosiyon Ka Apne Apne Gharon Se Imam E Masjid Ki Iqtida Karna Kaisa?

Razvi Daarul Ifta 

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