नमाज़े जनाज़ा में तकबीर के वक़्त आसमान की तरफ मुँह उठाना
➡ आजकल काफी लोग ऐसा करते हुए देखे गए हैं कि जब नमाज़े जनाज़ा में तकबीर कही जाती है तो हर तकबीर के वक़्त ऊपर की जानिब मुँह उठाते हैं हालांकि इसकी कोई अस्ल नही बल्कि नमाज में आसमान की तरफ़ मुंह उठाना मकरूहे तहरीमी है l
📚बहार ए शरीअत
और *हदीस शरीफ में है रसूलुल्लाह “ﷺ” ने इरशाद फ़रमाया:- क्या हाल है उन लोगों का जो नमाज़ में आसमान की तरफ आँखे उठाते हैं इससे बाज़ रहें या उनकी आँखें उचक ली जाएगी* ।
📚सहीह मुस्लिम शरीफ, बा हवाला मिशक़ात शरीफ, सफ़ा 90
*खुलासा यह कि नमाज़े जनाज़ा हो या कोई और नमाज़ कसदन आसमान की तरफ नज़र उठाना मकरुह है और नमाज़े जनाज़ा में तकबीर के वक़्त ऊपर को नज़र उठाने का जो रिवाज़ पड़ गया है यह ग़लत है, बे अस्ल है।*
📚ग़लत फ़हमियां और उनकी इस्लाह, सफ़ा 42-43
✒✒मिन जनिब:- मेम्बरान इल्म की रौशनी
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