Noor Nama Aur Shahadat Nama Padhna Kaisa?

नूर नामा और शहादत नामा पढ़ना कैसा?


➡ "नूर नामा" नाम से एक किताब उर्दू नज़्म में खूब पढ़ी जाती है उस में हुज़ूर  “ﷺ” की पैदाइश का वाक़िआ और आप “ﷺ” के नूर का किस्सा जिस तरह बयान किया गया है वह बे असल और ग़लत है किसी मुस्तनद व मोअतबर हदीस व तारीख की किताब में उस का ज़िक्र नहीं ।

ऐसे ही "शहादत नामा" नाम से जो किताबें हज़रत सय्यदना इमाम हसन और सय्यदना इमाम हुसैन रदियल्लाहु तआला अन्हुमा के वाक़िआत व हालात से मुतअल्लिक राइज हैं वह भी अकसर ग़लत बे सरोपा वाक़िआत व हिक़ायत पर मुश्तमिल हैं।

आला हज़रतرحمۃ اللہ علیہ  फरमाते हैं:
*नूर नामे के नाम से जो रिसाला मशहूर है उस की रिवायत बे असल है उसको पढ़ना जाइज़ नहीं।*
📚फ़तावा रज़विया जदीद, जिल्द 26, सफ़ा 610

और फ़रमाते हैं:
*शहादत नामे नज़्म या नसर जो आजकल अवाम में राइज हैं अकसर रिवायते बातिला व बे सरोपा से ममलू और अकाज़ीब मोअ्ज़ू (गढ़ी हुई झूटी हिकायतें) पर मुश्तमिल हैं ऐसे बयान का पढ़ना सुनना मुतलकन हराम व नाजाइज़ है।*
 📚फ़तावा रज़विया, जदीद जिल्द 24 ,सफ़ा 513
📚ग़लत फ़हमियां और उनकी इस्लाह, सफ़ा 147

✒✒मिन जानिब:- मेम्बरान इल्म की रौशनी

Follow this link to join my WhatsApp group: https://chat.whatsapp.com/E5FBRpd1YRbGwPaNPNN0EL

Noor Nama Aur Shahadat Nama Padhna Kaisa?

Post a Comment

0 Comments