Qurbani Ka Bayan, Masail Part 13

क़ुर्बानी का बयान, मसाइल 

(पार्ट 13)


3️⃣7️⃣ जिस जानवर की क़ुर्बानी वाजिब थी अय्यामें नहर गुज़रने के बाद उसे बेच डाला तो समन का सदक़ा करना वाजिब है।

3️⃣8️⃣ किसी शख़्स ने ये वसीयत की के उसकी तरफ़ से क़ुर्बानी कर दी जाए और ये नहीं बताया कि गाय या बकरी किस जानवर की क़ुर्बानी की जाए और ना क़ीमत बयान की के इतने का जानवर ख़रीद कर क़ुर्बानी की जाए ये वसीयत जायज़ है और बकरी क़ुर्बान कर देने से वसीयत पूरी होगी और अगर किसी को वकील किया कि मेरी तरफ़ से क़ुर्बानी कर देना और गाय या बकरी का ताअइन ना किया और क़ीमत भी बयान नहीं की तो वकील सही नहीं।

3️⃣9️⃣ क़ुर्बानी की मन्नत मानी और ये मुअय्यन नहीं किया कि गाय की क़ुर्बानी करेगा या बकरी की तो मन्नत सही है बकरी की क़ुर्बानी कर देना काफ़ी है और अगर बकरी की क़ुर्बानी की मन्नत मानी तो ऊंट या गाय क़ुर्बानी कर देने से भी मन्नत पूरी हो जाएगी मन्नत की क़ुर्बानी में से कुछ ना खाए ब्लकि सारा गोश्त वग़ैरह सदक़ा कर दे और कुछ खा लिया तो जितना खाया उसकी क़ीमत सदक़ा करे।

📚बहार ए शरीअत, जिल्द 3, हिस्सा 15, सफ़ा 339


✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी

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Qurbani Ka Bayan, Masail Part 13

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