क़ुर्बानी का बयान, मसाइल
(पार्ट 8)
1️⃣2️⃣ किसी के पास दो सौ (200) दिरहम की क़ीमत का मसहफ़ शरीफ़ (क़ुरआन मजीद) है अगर वह उसे देख कर अच्छी तरह तिलावत कर सकता है तो उस पर क़ुर्बानी वाजिब नहीं चाहे उसमें तिलावत करता हो या न करता हो और अगर अच्छी तरह उसे देख कर तिलावत न कर सकता हो तो वाजिब है। किताबों का भी यही हुक्म है कि उस के काम की हैं तो क़ुर्बानी वाजिब नहीं वरना है।
1️⃣3️⃣ एक मकान जाड़े के लिए और एक गर्मी के लिए यह हाजत में दाखिल है उनके अलावा उसके पास तीसरा मकान हो जो हाजत से ज़ायद है अगर यह दो सौ (200) दिरहम का है तो क़ुर्बानी वाजिब है उसी तरह गर्मी जाड़े के बिछौने हाजत में दाखिल हैं और तीसरा बिछौना जो हाजत से ज़ायद है उसका ऐतबार होगा। ग़ाज़ी के लिए दो घोड़े हाजत में हैं तीसरा हाजत से ज़ायद है।असलहा ग़ाज़ी की हाजत में दाख़िल हैं हाँ अगर हर क़िस्म के दो (2) हथियार हों तो दुसरे को हाजत से ज़ायद क़रार दिया जाएगा। गाँव के ज़मीनदार के पास एक घोड़ा हाजत में दाख़िल है और दो हों तो दुसरे को ज़ायद माना जाएगा। घर में पहनने के कपड़े और काम-काज के वक़्त पहनने के कपड़े और जुम्मा व ईद और दुसरे मौक़ों पर पहन कर जाने के कपड़े यह सब हाजत में दाख़िल हैं और उन तीन (3) के सिवा चौथा (4) जोड़ा अगर दो सौ (200) दिरहम का है तो क़ुर्बानी वाजिब है।
1️⃣4️⃣ बालिग़ लड़कों या बीबी की तरफ़ से क़ुर्बानी करना चाहता है तो उनसे इजाज़त हासिल करे बग़ैर उनके कहे अगर कर दी तो उनकी तरफ़ से वाजिब अदा न हुआ और नाबालिग़ की तरफ़ से अगरचे वाजिब नहीं है मगर कर देना बेहतर है।
1️⃣5️⃣ क़ुर्बानी का हुक़्म यह है कि उसके ज़िम्मा जो क़ुर्बानी वाजिब है कर लेने से बरीओ ज़िम्मा हो गया और अच्छी नियत से की है रिया वग़ैरह की मदाख़्लत नहीं तो अल्लाह (ﷻ) के फज़्ल से उम्मीद है कि आख़िरत में इसका सवाब मिले।
1️⃣6️⃣ यह ज़रूरी नहीं कि दसवीं (10) ही को क़ुर्बानी कर डाले इसके लिए गुंजाइश है कि पूरे वक़्त में जब चाहे करे लिहाज़ा अगर इब्तेदा ए वक़्त में उसका अहल न था वुजूब के शराइत नहीं पाए जाते थे और आख़िर वक़्त में अहल हो गया यानि वुजूब के शराइत पाए गए तो उस पर वाजिब हो गई और अगर इब्तेदा ए वक़्त में वाजिब थी और अभी की नहीं और आख़िर वक़् में शराइत जाते रहे तो वाजिब न रही।
📚बहार ए शरीअत, जिल्द 3, हिस्सा 15, सफ़ा 334
जारी है.......
✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी
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Qurbani Ka Bayan, Masail Part 8
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