Qurbani Ka Bayan Part 3, Qurbani Ki Dua

क़ुर्बानी का बयान

 (पार्ट 3)


9️⃣ इमाम अहमद व अबूदाउद व इब्ने माजा व दारमी जाबीर رضی اللہ تعالٰی عنہ से रिवायत करते हैं कि नबी ए करीम “ﷺ” ने ज़िब्ह के दिन दो (2) मेंढें सींघ वाले चितकबरे खस्सी किए हुए ज़िब्ह किए जब उनका मुँह किब्ला को किया ये पढ़ा :-

*اِنِّیْ وَجَّهْتُ وَجْهِیَ لِلَّذِیْ فَطَرَ السَّمٰوٰتِ وَ الْاَرْضَ عَلىٰ مِلَّةِ اِبْرَاهِىْمَ حَنِیْفًا وَّ مَاۤ اَنَا مِنَ الْمُشْرِكِیْنَۚ*
*اِنَّ صَلَاتِیْ وَ نُسُكِیْ وَ مَحْیَایَ وَ مَمَاتِیْ لِلّٰهِ رَبِّ الْعٰلَمِیْنَۙ لَا شَرِیْكَ لَهٗۚ- وَ بِذٰلِكَ اُمِرْتُ وَ اَنَا اَوَّلُ مِنَ الْمُسْلِمِیْنَ اَللّٰھُمَّ مِنْكَ وَلَكَ عَنْ مُّحَمّدٍ وَّاُمَّتِه بِسْمِ اللّٰهِ وَ اللّٰهُ اَكْبَر*

इसको पढ़ कर ज़िब्ह फ़रमाया, और एक रिवायत में है कि हुज़ूर “ﷺ” ने ये फ़रमाया कि इलाही ये मेरी तरफ़ से है और मेरी उम्मत में उस की तरफ़ से है जिसने क़ुर्बानी नहीं की।

🔟 इमाम बुख़ारी व मुस्लिम ने अनस رضی اللہ تعالٰی عنہ से रिवायत है कि हुज़ूर “ﷺ” ने दो (2) मेंढें चितकबरे सींघ वालों की क़ुर्बानी की उन्हें अपने दस्त (हांथ) मुबारक से ज़िब्ह किया और 
بِسْمِ اللّٰهِ وَ اللّٰهُ اَكْبَر
कहा, कहते हैं मैंने हुज़ूर “ﷺ” को देखा कि अपना पाँव उनके पहलुओं पर रखा और بِسْمِ اللّٰهِ وَ اللّٰهُ اَكْبَر कहा।

1️⃣1️⃣ तिर्मीज़ी में हनश से मरवी वो कहते हैं मैंने हज़रत ए अली رضی اللہ تعالٰی عنہ को देखा कि दो (2) मेंढें की क़ुर्बानी करते हैं मैंने कहा ये क्या उन्होंने फ़रमाया कि रसूलल्लाह “ﷺ” ने मुझे वसियत फ़रमाई कि मैं हुज़ूर “ﷺ” की तरफ़ से क़ुर्बानी करुँ लिहाज़ा मैं हुज़ूर “ﷺ” की तरफ़ से क़ुर्बानी करता हुँ।

1️⃣2️⃣ अबूदाउद व निसाइ अब्दुल्लाह बिन अमर رضی اللہ تعالٰی عنہا से रावी कि रसूलल्लाह “ﷺ” ने फ़रमाया :- मुझे यौम ए अज़्हा का हुक्म दिया गया उस दिन को ख़ुदा ने इस उम्मत के लिए ईद बनाया एक शख़्स ने अर्ज़ की या रसूलल्लाह “ﷺ” ये बताइए अगर मेरे पास मनिहा (उस जानवर को कहते हैं जो दुसरे ने उसे इसलिए दीया है कि कुछ दिन उसके दूध वग़ैरह से फ़ायदा उठाए फ़िर मालिक को वापस कर दे) के सिवा कोई जानवर न हो तो क्या उसी की क़ुर्बानी करुँ फरमाया :- नहीं। हाँ तुम अपने बाल और नाख़ून तरशवाओ और मुंछें तरशवाओ और मुए ज़ेरे नाफ़ को मुड़ो उसी में तुम्हारी क़ुर्बानी ख़ुदा के नज़दीक पूरी हो जाएगी। यानि जिस को क़ुर्बानी की तोफ़िक़ न हुआ उसे उन चीजों के करने से क़ुर्बानी का सवाब हासिल हो जाएगा।

📚 बहार ए शरीअत, जिल्द 3, हिस्सा 15, सफ़ा 329 - 330

जारी है.....

✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी

Follow this link to join my WhatsApp group: https://chat.whatsapp.com/KFbC9BHqjEcJugVf2wQ8kY

*Join Our Telegram group*

ILM KI RAUSHNI
https://t.me/ILMKIRAUSHNI

Qurbani Ka Bayan Part 3,
 Qurbani Ki Dua

Post a Comment

0 Comments