Qurbani Ka Gosht Wa Posht Wagairah Kya Kare, Masail Part 23

क़ुर्बानी का बयान

क़ुर्बानी का गोश्त व पोस्त वग़ैरह क्या करे, मसाइल

(पार्ट 23)

2️⃣7️⃣ अगर क़ुर्बानी की खाल को रुपए के एवज़ में बेचा मगर  इसलिए नहीं कि उस को अपनी ज़ात पर या बाल बच्चों पर सर्फ़ करेगा बल्कि इसलिए कि उसे सदक़ा कर देगा तो जायज़ है। जैसा कि आजकल अक्सर लोग खाल मदारीसे दीनीया में दिया करते हैं और बाअज़ मर्तबा वहाँ खाल भेजने में दिक़्क़त होती है उसे बेच कर रुपया भेज देते हैं या कई शख़्सों को देना होता है उसे बेच कर दाम उन फ़ुक़रा पर तक़सीम कर देते हैं ये बयअ जायज़ है इस में हर्ज नहीं और हदीस में जो उसके बेचने की ममानिअत आयी है उस से मुराद अपने लिए बेचना है।

2️⃣8️⃣ गोश्त का भी वही हुक्म है जो चमड़े का है कि उस को अगर ऐसी चीज़ के बदले में बेचा जिस को हलाक कर के नफ़अ हासिल किया जाए तो सदक़ा कर दे।

2️⃣9️⃣ क़ुर्बानी की चर्बी और उस की सिरी, पाए और ऊन और दूध को ज़बह के बाद दूहा है उन सब का वही हुक्म है कि अगर ऐसी चीज़ उस के एवज़ में ली जिस को हलाक कर के नफ़अ हासिल करेगा तो उस को सदक़ा कर दे ।

3️⃣0️⃣ क़ुर्बानी का चमड़ा या गोश्त या उसमें कोई चीज़ क़स्साब या ज़बह करने वाले को उजरत में नहीं दे सकता कि उस को उजरत में देना भी बेचने ही के माअना में है।

3️⃣1️⃣ क़स्साब को उजरत में नहीं दिया बल्कि जैसे दूसरे मुस्लमानों को देता है उस को भी दिया और उजरत अपने पास से दूसरी चीज़ देगा तो  जायज़ है।

3️⃣2️⃣ भेड़ के किसी जगह के बाल निशानी के लिए काट लिए हैं उन बालों को फ़ेंक देना या किसी को हिबा कर देना नाजायज़ है बल्कि उन्हें सदक़ा करे।

📚 बहार ए शरीअत, जिल्द 3, हिस्सा 15, सफ़ा 346 - 347

जारी है.......

✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी

Follow this link to join my WhatsApp group: https://chat.whatsapp.com/LkiwZ53xyou9QpJlXzYcfg

*Join Our Telegram group*

ILM KI RAUSHNI
https://t.me/ILMKIRAUSHNI

Qurbani Ka Gosht Wa Posht Wagairah Kya Kare, Masail Part 23

Post a Comment

0 Comments