Roza Todne Wali Chijon Ka Bayan Masail Part 2

रोज़ा तोड़ने वाली चीज़ों का बयान, मसाइल 

पार्ट 2

5️⃣ कोई चीज़ पाख़ाना के मक़ाम में रखी, अगर उसका दूसरा सिरा बाहर रहा तो नहीं टूटा वरना जाता रहा लेकिन अगर वो तर है और उसकी रतूबत (तरी) अन्दर पहुंची तो मुतलक़न जाता रहा यही हुक्म शर्मगाहे ज़न (औरत की शर्मगाह) का है, शर्मगाह से मुराद इस बाब में फ़रज दाख़िल है (यानी शर्मगाह का अन्दरूनी हिस्सा) यूहीं अगर डोरे में बोटी बांधकर निगल ली, अगर डोरे का दूसरा किनारा बाहर रहा और जल्द निकाल ली कि गलने ना पाई तो नहीं गया और अगर डोरे का दूसरा किनारा भी अंदर चला गया या बोटी का कुछ हिस्सा अंदर रह गया तो रोज़ा जाता रहा। 

6️⃣ औरत ने पेशाब के मक़ाम में रूई का कपड़ा रखा और बिल्कुल बाहर ना रहा, रोज़ा जाता रहा और ख़ुश्क ऊंगली पाख़ाना के मक़ाम में रखी या औरत ने शर्मगाह में तो रोज़ा ना गया और भीगी थी या उस पर कुछ लगा था तो जाता रहा, बशर्ते कि पाख़ाना के मक़ाम में उस जगह रखी हो जहां अमल देते वक़्त हुक़्ना का सिरा रखते हैं। 

7️⃣ मुबालग़ा के साथ इस्तिन्जा किया यहां तक के हुक़्ना रखने की जगह तक पानी पहुंच गया, रोज़ा जाता रहा और इतना मुबालग़ा चाहिए भी नहीं के इससे सख़्त बीमारी का अंदेशा है। 

8️⃣ मर्द ने पेशाब के सुराख़ में पानी या तेल डाला तो रोज़ा ना गया अगरचे मसाना तक पहुंच गया हो और औरत ने शर्मगाह में टपकाया तो जाता रहा। 

9️⃣ दिमाग़ या शिकम (पेट) की झिल्ली तक ज़ख़्म है, उसमें दवा डाली अगर दिमाग़ या शिकम तक पहुंच गई रोज़ा जाता रहा ख़्वाह वो दवा तर हो या ख़ुश्क और अगर मालूम ना हो कि दिमाग़ या शिकम तक पहुंची या नहीं और वह दवा तर थी, जब भी जाता रहा और ख़ुश्क थी तो नहीं। 

1️⃣0️⃣ हुक़्ना (यानी किसी दवा की बत्ती या पिचकारी पीछे के मकाम में चढ़ाना जिससे इजाबत हो जाए) लिया या नथनों से दवा चढ़ाई या कान में तेल डाला या तेल चला गया रोज़ा जाता रहा और पानी कान मैं चला गया या डाला तो नहीं।

1️⃣1️⃣ कुल्ली कर रहा था बिला क़स्द पानी हल्क़ से उतर गया या नाक में पानी चढ़ाया और दिमाग़ को चढ़ गया रोज़ा जाता रहा मगर जबके रोज़ा होना भूल गया हो तो ना टूटेगा अगरचे क़स्दन हो यूहीं किसी ने रोज़ादार की तरफ़ कोई चीज़ फेंकी, वो उसके हल्क़ में चली गई रोज़ा जाता रहा।

1️⃣2️⃣ सोते में पानी पी लिया या कुछ खा लिया मुँह खुला था और पानी का क़तरा या ओला हल्क़ में जा रहा रोज़ा जाता रहा।

📚 बहार ए शरीअत, जिल्द 1, हिस्सा 5, सफ़ा 986 - 987

🟣🟡🟤 आगे जारी रहेगा......

✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी

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Roza Todne Wali Chijon Ka Bayan Masail Bahar E Shariat 
Part 2

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