शब ए बरात
➡ रसूल ए अकरम ﷺ का फ़रमान ए इबरत निशान है:- छः(6) आदमियों की इस(यानी शाअ्बान की पन्द्रहवीं) रात भी बख्शीश नहीं होगी,
(1). शराब का आदि
(2). माँ-बाप का नाफ़रमान
(3). ज़िना का आदि
(4). क़ताअ् ताअल्लूक करने वाला
(5). तस्वीर बनाने वाला
(6). चुगल खोर
🔴 अल्लाह पाक हमें तमाम बुरे काम से बचाए. आमीन
*मेरे प्यारे अगर कोई भाई - बहन जाने अनजाने में आपका दिल दुखा दिए हों तो आप उनका माफ़ी मंगाने का इंतज़ार न करें बल्कि उन्हें ख़ुदा के वास्ते माफ़ कर दें ताकि अल्लाह तआला भी उन्हें माफ़ कर दे।*
➡ आतिशबाजी बिलाशुबा हराम है
आला हज़रत मौलाना शाह अहमद रज़ा खां (रदिअल्लाहु तआला अन्हु) फ़रमाते हैं:-
*आतिशबाजी जिस तरह शादियों और शब ए बरात में राइज है, बेशक हराम और पूरा ज़ुर्म है कि इसमें माल का जाया करना है।*
📚फ़तावा रज़वीया, जिल्द 23, सफ़ा 279
✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी
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Shab E Baraat Aur Aatishbaazi
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