Shab E Baraat Mein Hum Kya Karen?

शब ए बरात में हम क्या करें?


➡️ (1)  9-10 अप्रैल 14-15 शाअ्बान  जुमेरात, जुम्मा को रोज़ा रखें।

(2) 9 अप्रैल 14 शाअ्बान क़ब्ल मग़रीब तमाम गुनाहों से तोबा कर लें किसी को आप से तकलीफ़ पहुंची है तो उसे माफ़ी तलब कर लें, आप  को किसी से तकलीफ़ पहुंची है तो उसे माफ़ी दे दें।

(3) 15 शाअ्बान बाद मग़रीब सात बेरी के पत्ती को पानी में जोश दे कर ग़ुस्ल करें साल भर जादु टोना से महफ़ूज़ रहेंगे।

(4) कम अज़ कम तीन सौ (300) मर्तबा दुरुद शरीफ़ और कसरत से इस दुआ को पढ़ें....

اللھم انک عفوکریم تحب العفو فاعف عنی.. اللھم انی اسئلک العفووالعافیۃ والمعافاۃ الدائمۃ فی الدنیا والاخرۃ
और सज्दा में ये पढ़ें  
 اعوذ بعفوک من عقابک واعوذبرضاک من سخطک واعوذمنک جل وجھک لااحصی ثناء علیک انت کما اثنیت علی نفسک
(5) गुनाहों की बख़्शीश के लिए इसे कसरत से पढ़ें....

استغفراللہ الذی لا الہ الا ھوالحی القیوم واتوب الیہ

(6) तन्ग दस्त वस्अत रिज़क़, बिमार शिफ़ायाबी, नेक मक़ासिद में कामयाबी, मुसीबत की मुश्किल कुशाई और उम्मते मुस्लिमा की रफ़्अ बला व वबा के लिए दुआ करें इन्शाअल्लाह क़ुबूल होगी।

(7) इस रात में सौ (100) रक्अतें मनक़ुल हैं हर रक्अत में 10/11 बार क़ुलहुअल्लाह शरीफ़ पढ़ें लेकिन अफ़ज़ल ये है कि क़ज़ा नमाज़ें पढ़ें। इसी में शब ए बेदारी और दिगर सारे सवाब हासिल हो जाएंगे। इन्शाअल्लाह तिलावते क़ुरआन मजीद भी कसरत से करें।

(8) लाॅक डाउन के सबब और एहतियाती तदाबीर और हुकूमती हुक्म नामा के पेशे नज़र ये सारी इबादतें अपने घर ही में करें। मरहुमीन के लिए भी घर ही से इसाल ए सवाब करें ।मसाजिदों और क़ब्रिस्तान क़तयी भीड न लगाएं। और हुकूमत का साथ देते हुए इन्सानियत की हिफ़ाज़त में अपना हिस्सा ज़रूर लें।

✍🏻✍🏻मुफ़्ती मुहम्मद महबूब आलम मिस्बाही

✒️✒️ मिन जानिब :- तन्ज़ीम औलमा ए अहले सुन्नत, हज़ारीबाग़ (झारखंड)

Shab E Baraat Mein Hum Kya Karen?
Shab E Baraat Mein Karne Wale Zaroori Kaam

Khalifa E Huzoor GULZAR E MILLAT 
MUFTI MAHBOOB AALAM MISBAHI 


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