शब ए बरात में पढ़ी जाने वाली चन्द नफ़्ल नमाज़े
🔴 *इस रात (शब ए बरात) 7 पत्ते बेरी के लेकर पानी में डालकर पानी गरम कर लें, जब पानी नहाने लायक हो जाए तो इस पानी से ग़ुस्ल कर लें, इंशा अल्लाह पूरे साल जादू के असर से महफ़ूज़ रहेंगें।*
📚इस्लामी ज़िन्दगी
🟢 जिनको भी ग़ुस्ल करना हो वो सब अलग अलग पानी गरम करें।
1️⃣ मग़रीब की नमाज़ के बाद ग़ुस्ल कर के *2 रक्अत नमाज़ तहयतुल वज़ु पढ़ें।*
उस के बाद *8 रक्अत नमाज़ ए नफ़्ल, 4 सलाम से अदा करें।* हर रक्अत में बाद *अलहमदुल्लिलाह शरीफ़ के सुरह इख़्लास 5 बार पढ़ें* तो गुनाहों से पाक होगा, दुआएं क़ुबूल होंगी और सवाब ए अज़ीम हासिल होगा।
📚 तीन नुरानी रातें, सफ़ा 14
2️⃣ *4 रक्अत नफ़्ल एक सलाम से पढ़ें* हर रक्अत में बाद *अलहमदुल्लिलाह शरीफ़ के सुरह इख़्लास 50 बार पढ़ें* तो गुनाहों से बाहर आएगा जैसा कि शिकम ए मादर से निकला था।
📚 तीन नुरानी रातें, सफ़ा 14
3️⃣ *2 रक्अत नमाज़ पढ़ें* हर रक्अत में बाद *अलहमदुल्लिलाह शरीफ़ के आयतलकुर्सी 1 बार और सुरह इख़्लास 15 बार* बाद सलाम के *दुरुद शरीफ़ 100 बार पढ़ें* तो रिज़्क़ में वसअत होगी, ग़म व अलम से निजात मिलेगी, गुनाहों की बख़्शीश व मग़फ़ीरत होगी।
📚 तीन नुरानी रातें, सफ़ा 14
4️⃣ *14 रक्अत नमाज़ ए नफ़्ल, 7 सलाम से अदा करें* हर रक्अत में बाद *अलहमदुल्लिलाह शरीफ़ के जो सुरत चाहें पढ़ें* बाद फ़ारिग़ नमाज़ के *100 मर्तबा दुरुद शरीफ़ पढ़ कर जो भी दुआ मांगे क़ुबूल होंगी।*
📚 तीन नुरानी रातें, सफ़ा 14
5️⃣ *सलात ए फ़ातमतुज़ ज़हरा رضی اللہ تعالٰی عنہا*
➡️ इसे पढ़ने का तरीक़ा *8 रक्अत, 1 सलाम, 4 क़ायदा के साथ पढ़ें* और हर रक्अत में बाद *अलहमदुल्लिलाह शरीफ़ के सुरह इख़्लास 11 बार पढ़ें* और इसका सवाब हज़रत ए फ़ातमा رضی اللہ تعالٰی عنہا को बख़्शें। तो हज़रत ए फ़ातमा رضی اللہ تعالٰی عنہا फ़रमाती हैंं कि मैं हरगिज़ क़दम न रखुगीं जन्नत में जब तक कि उस की शफ़ाअत न कराऊ।
📚ग़ुनियतुत तालिबिन
📚तीन नुरानी रातें, सफ़ा 16
6️⃣ *इस रात सलातुत तसबीह ज़रूर पढ़ें* इसे पढ़ने का तरीक़ा *4 रक्अत, 1 सलाम से इस तरह अदा करें*......
पहले नियत कर के सना के बाद 15 मर्तबा *सुब्हानललाही वलहम दुल्लिलाही वला इलाहा इल्लललाहु वललाहु अकबर* पढ़ें, उसके बाद आउज़बिल्लाह और बिस्मिल्लाह पढ़ें फ़िर अलहमदुल्लिलाह शरीफ़ पढ़ें उसके बाद *कोई और सुरत पढ़ कर 10 मर्तबा यही तसबीह पढ़ें*, फ़िर रुकुअ में सुबहाना रबीयल अज़िम पढ़ने के बाद *10 बार फ़िर यही तसबीह पढ़ें*, रुकुअ से सर उठाने के *बाद फ़िर 10 बार यही तसबीह पढ़ें,* फ़िर पहले सजदे में सुब्हाना रबीयल आला के *बाद 10 बार फ़िर यही तसबीह पढ़ें,* फ़िर सजदा से *सर उठा कर 10 बार यही तसबीह पढ़ें,* फ़िर दुसरे सजदे में सुब्हाना रबीयल आला के *बाद 10 बार फ़िर से यही तसबीह पढ़ें।* यानी 1 रक्अत में 75 बार तसबीह हुवी। इसी तरह 4 रक्अत अदा करें। 4 रक्अत में पुरे 300 बार तसबीह हो जाएगी। बाद फ़ारिग़ ए नमाज़ इसतिग़फ़ार, दुरुद शरीफ़ 100-100 बार पढ़ कर सजदे में सर रख कर ख़ुदा ए तआला से नेक तौफ़िक़ की दुआ करें।
📚 तीन नुरानी रातें, सफ़ा 15
7️⃣ इस रात में तीन मर्तबा सुरह यासीन शरीफ़ की तिलावत करनी चाहिए। पहली मर्तबा दराज़ी उम्र की नियत से दुसरी मर्तबा कुशादगी रिज़्क़ की नियत से और तीसरी मर्तबा दाफ़ए अमराज़ व बलयात की नियत से। उसके बाद दुआएं निस्फ़ ए शाअ्बान पढ़ें जो कि कल भेज दिया गया है।
📚 तीन नुरानी रातें, सफ़ा 15
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चन्द ज़रूरी मसाइल.....
➡️ *बिला उज़र शरयी नमाज़ कज़ा कर देना बहुत सख़्त गुनाह है. उस पर फ़र्ज़ है कि उस की कज़ा पढ़े और सच्चे दिल से तोबा करे।*
📚क़ानून ए शरीअत, हिस्सा 1, सफ़ा 150
➡️ *कज़ा नमाज़ें नवाफ़िल से अहम हैं यानी जिस वक़्त नफ़्ल पढ़ता है उन्हें छोड़ कर उन के बदले कज़ाएं पढ़े ताकि बरीउज़िम्मा हो जाए।*
📚क़ानून ए शरीअत, हिस्सा 1, सफ़ा 153
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ज़्यादा से ज़्यादा कज़ा नमाज़ पढने की कोशिश करें
*जिस के ज़िम्मा बरसों की नमाज़ें कज़ा हों और ठीक याद ना हो कि कितने दिन से कोन - कोन कज़ा हुई, तो वह यूं निय्यत कर के पढ़े कि सबसे पहली फ़ज्र जो मुझ से कज़ा हुई उस को अदा करता हुँ या सब में पहली ज़ोहर, असर जिस की कज़ा पढ़ना चाहे उस की निय्यत करे और उसी तरह सब नमाज़ों की कज़ा पढ़ डाले। यहां तक के यक़ीन हो जाए कि सब अदा हो गए।*
📚क़ानून ए शरीअत, हिस्सा 1, सफ़ा 153
🔴🟢🔴 *दुनिया के हालात को देखते हुए आप सब बला व आफ़त से निजात पाने के लिए दुआ ज़रूर करें। और इस ग्रुप के तमाम मेम्बरान को अपने दुआ में याद रखें*🔴🟢🔴
✒️✒️मिन जानिब :- इल्म की रौशनी
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Shab E Baraat Mein Padhi Jane Wali Chand Nafl Namaze
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