शव्वाल में छः (6) दिन के रोज़े जिन्हें लोग शश ईद के रोज़े कहते हैं!
🟣🟤 चंद हदीस शरीफ़ ⤵️
*1️⃣ व 2️⃣ :-* मुस्लिम व अबु दाउद व तिर्मिजी व निसाइ व इब्ने माजा व तबरानी अबु अय्यूब رضی اللہ تعالٰی عنہ से रावी, रसूल अल्लाह “ﷺ” फरमाते हैं :- "जिसने रमज़ान के रोज़े रखे फिर उनके बाद छः (6) दिन शव्वाल में रखे तो ऐसा है जैसे दहर का रोज़ा रखा।" और इसी के मिस्ल अबु हूरैरा رضی اللہ تعالٰی عنہ से मरवी।
*3️⃣ व 4️⃣ :-* निसाइ व इब्ने माजा व इब्ने ख़ज़िमा व इब्ने हब्बान सोबान رضی اللہ تعالٰی عنہ से और इमाम अहमद व तबरानी व बज़्ज़ार जाबिर बिन अब्दुल्लाह رضی اللہ تعالٰی عنہما से रावी, रसूल अल्लाह “ﷺ” ने फरमाया।" जिस ने ईदउल फ़ित्र के बाद छः (6) रोज़े रख लिए तो उसने पूरे साल का रोज़ा रखा, कि जो एक नेकी लाएगा उसे दस (10) मिलेंगी तो माह ए रमज़ान का रोज़ा दस महीने के बराबर है और इन छः (6) दिनों के बदले में दो महीने तो पूरे साल के रोज़े हो गए।"
*5️⃣: -* तबरानी अवसत में अब्दुल्लाह बिन उमर رضی اللہ تعالٰی عنہما से रावी, कि रसूल अल्लाह “ﷺ” फ़रमाते हैं :-
"जिसने रमज़ान के रोज़े रखे फ़िर उसके बाद छः (6) दिन शव्वाल में रखे तो गुनाहों से ऐसे निकल गया, जैसे आज माँ के पेट से पैदा हुआ है।"
🟣🟡🟤 *बेहतर ये है कि ये रोज़े मुतफ़रीक़ (अलग - अलग) रखे जाएं और ईद के बाद लगातार छः (6) दिन में एक साथ रख लिये तब भी हर्ज नहीं।*
📚बहार ए शरीअत, जिल्द 1, हिस्सा 5, सफ़ा 1010
✒️✒️मिन जानिब :- इल्म की रौशनी
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Shawwal Mein 6 Din Ke Roze Jinhen Log Shash Eid Ke Roze Kahte Hain.
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