Tamam Logon Ki Bakhshish( Shab E Baraat)

शब ए बरात के फ़ज़ाइल

तमाम लोगों की बख़्शीश


➡️ सयदिना हज़रत ए अली رضی اللہ تعالٰی عنہ से रिवायत है कि रसूलल्लाह “ﷺ” ने इरशाद फ़रमाया शाअ्बान को पन्द्रहवीं (15) रात को अल्लाह तआला ﷻ क़रीब तरीन आसमान की तरफ़ नुज़ुल फ़रमाता है। *मुशरिक, दिल में किना रखने वाले, रिश्ता क़तअ (तोडना) करने वाले, और बदकार औरत के सिवा तमाम लोगों को बख़्श देता है।*
उम्मुल मौअमेनिन हज़रत ए आईशा सिद्दिक़ा رضی اللہ تعالٰی عنہا फ़रमाती हैंं कि रसूलल्लाह “ﷺ” ने मुझ से फ़रमाया ऐ आईशा! رضی اللہ تعالٰی عنہا ये कौन सी रात है? मैं ने कहा अल्लाह ﷻ और उस के रसूल “ﷺ” ही ख़ूब जानते हैं। आप “ﷺ” ने फ़रमाया ये निसफ़ (आधा) शाअ्बान की रात है। इस रात बन्दों के आमाल ऊपर उठाए जाते हैं। और अल्लाह तआला ﷻ इस रात बनी कल्ब की बकरियों के बालों की ताअदाद में लोगों को दोज़ख़ से आज़ाद करता है। तो क्या तुम आज की रात मुझे इबादत की आज़ादी देती हो?  मैं ने अर्ज़ किया ज़रूर! फ़िर आप “ﷺ” ने नमाज़ पढ़ी और क़याम में तख़फ़ीफ़ की।

📚ग़ुनियतुत तालिबिन
📚फैज़ान ए शरीअत, शब ए बरात के फ़ज़ाइल, सफ़ा 1045

🔴एक अहम गुज़ारिश :- 

 अगर जान कर या अनजाने में छोटी बड़ी किसी तरह की भी ग़लती किसी भाई - बहन से हो गई हो तो आप उन्हें माफ़ ज़रूर कर दें ख़ुदा के वास्ते। क्योंकि जब तक आप उन्हें माफ़ नहीं करेंगे तब तक अल्लाह भी माफ़ नहीं करेगा! भले ही आप से वो शख़्स माफ़ी ना मांगे फ़िर भी आप उन्हें दिल से माफ़ ज़रूर करें। इसका बदला अल्लाह आपको आपके सोच से भी ज़्यादा अता करेगा।चन्द लम्हें की ज़िन्दगी है इसको भुले नहीं। कहीं ऐसा न हो कि आप माफ़ करना सोचते रहें और उससे पहले ही आप दुनिया छोड़ दें। अल्लाह पाक हम सब का ख़ात्मा ईमान पर करे। आमीन

✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी

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Tamam Logon Ki Bakhshish( Shab E Baraat)
Shab E Baraat Ke Fazail 
Faizan E Shariat 

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