तंगदस्ती के बाइस बके जाने वाले कुफ़्रियात की मिसालें
1. जो कहे ,"ऐ अल्लाह!ﷻ मुझे रिज़्क़ दे और मुझ पर तंगदस्ती डाल कर ज़ुल्म न कर । *ऐसा शख्स काफ़िर है।*
📚फ़तवा आलमगीरी , जिल्द 3, सफ़ा 26
2. सियासी पनाह लेने या तंगदस्ती की वजह से कुफ़्फ़ार के यहाँ नौकरी करने की खातिर वीजा(VISA) फॉर्म पर या किसी तरह की रक़म वगैरा की बचत के लिए दरख़्वास्त पर अगर खुद को झुट मुट , अय्यासी , यहूदी, कादियानी, या किसी भी काफिर व मुर्तद गिरोह का काफ़िर लिखा या लिखवाया तब भी काफ़िर हो गया।
3.किसी से माली मदद की दरख़्वासत करते हुए कहना या लिखना की अगर आप ने काम न कर दिया तो मैं कादियानी या ईसाई बन जाऊंगा। ऐसा कहने वाला फ़ौरन काफ़िर हो गया। यहां तक कि बिल्फ़र्ज़ अगर कोई कहे कि मैं 100 साल के बाद काफिर हो जाऊंगा वह अभी से काफिर हो गया।
4.किसी ने मशवरा दिया कि काफिर हो जाओ तो वह काफ़िर बने या न बने मशवरा देने वाला काफ़िर हो चुका । नेज़ किसी ने कुफ़्र बका या किसी पर हुक्मे कुफ़्र लगा इस पर राज़ी होने वाले पर भी हुक्मे कुफ़्र है क्योंकि उस ने किसी के कुफ़्र में मुब्तेला होने को पसंद किया और कुफ़्र पसंद करना भी कुफ़्र है।
5.अगर वाक़ई अल्लाह होता तो गरीबों का साथ देता , मकरुज़ों का सहारा होता ।
📚28 कलिमाते कुफ़्र , सफ़ा 4-5
*इंशाअल्लाह आगे जारी रहेगा...*
✒✒मिन जानिब:-मेम्बरान इल्म की रौशनी
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