Dusre Ke Qurbani Ke Janwar Ko Bela Ijazat Jabah Kar Diya, Masail

क़ुर्बानी का बयान (पार्ट 28)

दूसरे के क़ुर्बानी के जानवर को बेला इजाज़त ज़बह कर दिया, मसाइल 



4️⃣5️⃣ दो शख़्सों के माबैन एक जानवर मुशतरीक है (यहां जानवर से मुराद बकरी या उस जैसा जानवर मुराद है जिस में सिर्फ़ एक हिस्सा होता है) उसकी क़ुर्बानी नहीं हो सकती कि मुशतरीक माल में दोनों का हिस्सा है एक का हिस्सा दूसरे के पास अमानत है और अगर दो जानवरों में दो शख़्स बराबर के शरीक हैं हर एक ने एक-एक की क़ुर्बानी कर दी दोनों की क़ुर्बनियां हो जाएंगी।

4️⃣6️⃣ एक शख़्स के नौ (9) बाल बच्चे हैं और एक ख़ुद, उसने दस बकरियों की क़ुर्बानी की और ये नियत कि किसकी तरफ़ से किस बकरी की क़ुर्बानी है मगर ये नियत ज़रूर है कि दसों (10) बकरियां हम दसों (10) की तरफ़ से हैं ये क़ुर्बानी जायज़ है सबकी क़ुर्बनियां हो जाएंगी।

4️⃣7️⃣ अपनी तरफ़ से और अपने बच्चों की तरफ़ से गाय की क़ुर्बानी की अगर वो नाबालिग़ हैं तो सबकी क़ुर्बनियां जायज़ हैं और बालिग़ हैं और सब लड़को ने कह दिया है तो सबकी तरफ़ से सही है और अगर उन्होंने कहा नहीं या बाअज़ ने नहीं कहा है तो किसी की क़ुर्बानी नहीं हुई।

4️⃣8️⃣ बैय फ़ासीद के ज़रिया बकरी ख़रीदी और क़ुर्बानी कर दी ये क़ुर्बानी हो गई कि बैय फ़ासीद में कब्ज़ा कर लेने से मिल्क हो जाती है और बायअ को इख़्तियार है अगर उसने ज़िन्दा बकरी की वाजिबी क़ीमत मुशतरी से ले ली तो अब उसके ज़िम्मा कुछ वाजिब नहीं और अगर बायअ ने ज़बह की हुई बकरी ले ली तो क़ुर्बानी करने वाला उस ज़बह की हुई बकरी की क़ीमत सदक़ा करे।

4️⃣9️⃣ एक शख़्स ने दूसरे को बकरी हिबा कर दी मौवहुबलहु (जिसे बकरी हिबा की गई) ने उसकी क़ुर्बानी कर दी उसके बाद वाहिब (हिबा करने वाला) अपना हिबा वापस लेना चाहता है वो वापस ले सकता है और मौवहुबलहु की क़ुर्बानी सही है और उसके ज़िम्मा कुछ सदक़ा करना भी वाजिब नहीं।

📚 बहार ए शरीअत, जिल्द 3, हिस्सा 15, सफ़ा 349 - 350

जारी है......

✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी

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