हैज़ का बयान (पार्ट 3)
हैज़ के मसाइल
4️⃣ दस (10) रात दिन से कुछ भी ज़्यादा ख़ून आया तो अगर ये हैज़ पहली मर्तबा उसे आया है तो दस दिन तक हैज़ का है बाद का इस्तेहाज़ा और अगर पहले उसे हैज़ आ चुके हैं और आदत दस दिन से कम की थी तो आदत से जितना ज़्यादा हो इस्तेहाज़ा है। इसे यूँ समझो कि उस को पांच (5) दिन की आदत थी अब आया दस (10) दिन तो कुल हैज़ है और बारह (12) आया तो पांच (5) दिन हैज़ के बाक़ि सात (7) दिन इस्तेहाज़ा के और एक हालत मुक़र्रर ना थी बल्कि कभी चार (4) दिन कभी पांच (5) दिन तो पिछले बार जितने दिन थे वही अब भी हैज़ के हैं बाक़ि इस्तेहाज़ा।
5️⃣ ये ज़रूरी नहीं कि मुद्दत में हर वक़्त ख़ून जारी रहे जब ही हैज़ हो बल्कि अगर बाअज़ - बाअज़ वक़्त भी आए जब भी हैज़ है।
6️⃣ कम से कम 9 बरस की उम्र से हैज़ शुरू होगा और इन्तहाई उम्र हैज़ आने की 55 साल है। इस उम्र वाली औरत को आइसा और उस उम्र को सिन्ने अयास कहते हैं।
7️⃣ 9 बरस की उम्र से पेशतर जो ख़ून आए इस्तेहाज़ा है। युहीं 55 साल की उम्र के बाद जो ख़ून आए। हां पिछली सुरत में अगर ख़ालिस ख़ून आए या जैसा पहले आता था उसी रंग का आया तो हैज़ है।
8️⃣ हमल वाली को जो ख़ून आया इस्तेहाज़ा है। युहीं बच्चा होते वक़्त जो ख़ून आया और अभी आधे से ज़्यादा बच्चा बाहर नहीं निकला वो इस्तेहाज़ा है।
9️⃣ दो (2) हैज़ों के दरमियान कम से कम पूरे पंद्रह (15) दिन का फ़ासला ज़रूर है। युहीं निफ़ास व हैज़ के दरमियान भी पंद्रह (15) दिन का फ़ासला ज़रूरी है तो अगर निफ़ास ख़त्म होने के बाद पंद्रह (15) दिन पूरे ना हुवे थे कि ख़ून आया तो इस्तेहाज़ा है।
🔟 हैज़ उस वक़्त से शुमार किया जाएगा कि ख़ून फ़रजे ख़ारिज में आ गया तो अगर कोई कपड़ा रख लिया है जिस की वजह से फ़रजे ख़ारिज में नहीं आया दाख़िल ही में रुका हुआ है तो जब तक कपड़ा ना निकालेगी हैज़ वाली ना होगी। नमाज़े पढ़ेगी, रोज़ा रखेगी।
1️⃣1️⃣ हैज़ के छः (6) रंग हैं...
1 स्याह, 2 सुर्ख़, 3 सब्ज़, 4 ज़र्द, 5 गदला, 6 मटिला ।
सफ़ेद रंग की रतुबत हैज़ नहीं।
📚 बहार ए शरीअत, जिल्द 1, हिस्सा 2, सफ़ा 372 - 373
❤️💚❤️ इंशा अल्लाह आगे जारी रहेगा.....
✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी
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Haiz Ke Masail Bahar E Shariat
Haiz Ka Bayan Part 3
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