क़ुर्बानी का बयान (पार्ट 25)
ज़बह से पहले क़ुर्बानी के जानवर से मनफ़अत (फ़ायदा) हासिल करना मना है, मसाइल
3️⃣6️⃣ क़ुर्बानी के लिए जानवर ख़रीदा था क़ुर्बानी करने से पहले उसके बच्चा पैदा हुआ तो बच्चा को भी ज़बह कर डाले और अगर बच्चा को बेच डाला तो उसका समन (क़ीमत) सदक़ा कर दे और अगर न ज़बह किया न बयअ (बेचना) किया और इय्यामे नहर गुज़र गए तो उसको ज़िन्दा सदक़ा कर दे और अगर कुछ न किया और बच्चा उसके यहां रहा और क़ुर्बानी का ज़माना आ गया ये चाहता है कि उस साल की क़ुर्बानी में उसी को ज़बह करे ये नहीं कर सकता और अगर क़ुर्बानी उसी की कर दी तो दूसरी क़ुर्बानी फ़िर करे कि वो क़ुर्बानी नहीं हुई और वो बच्चा ज़बह किया हुआ सदक़ा कर दे बल्कि ज़बह से जो कुछ उसकी क़ीमत में कमी हुई उसे भी सदक़ा करे।
3️⃣7️⃣ क़ुर्बानी की और उसके पेट में ज़िन्दा बच्चा है तो उसे भी ज़बह कर दे और उसे सर्फ़ में ला सकता है और मरा हुआ बच्चा हो तो उसे फ़ेंक दे मुरदार है।
📚बहार ए शरीअत, जिल्द 3, हिस्सा 15, सफ़ा 347 - 348
जारी है........
✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी
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Jabah Se Pahle Qurbani Ke Janwar Se Manfat(Fayda) Hasil Karna Mana Hai, Masail
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