Nifas Ka Bayan, Part 1, Nifas Ke Masail

 निफ़ास का बयान

(पार्ट 1)

बच्चा पैदा होने के बाद जो ख़ून औरत के आगे के मक़ाम से निकलता है उसे निफ़ास कहते हैं।

मसाइल 

1️⃣ निफ़ास में कमी की जानिब कोई मुद्दत मुक़र्रर नहीं, निस्फ़ (आधा ) से ज़्यादा बच्चा निकलने के बाद एक आन भी ख़ून आया तो वो निफ़ास है और ज़्यादा से ज़्यादा उस का ज़माना 40 दिन रात है और निफ़ास की मुद्दत का शुमार उस वक़्त से होगा कि आधे से ज़्यादा बच्चा निकल आया और इस बयान में जहां बच्चा होने का लफ़्ज़ आएगा उस का मतलब आधे से ज़्यादा बाहर आ जाना है।

2️⃣ किसी को 40 दिन से ज़्यादा ख़ून आया तो अगर उस के पहली बार बच्चा पैदा हुआ है या ये याद नहीं कि उस से पहले बच्चा पैदा होने में कितने दिन ख़ून आया था, तो 40 दिन रात निफ़ास है बाक़ी इस्तेहाज़ा और जो पहली आदत मालूम हो तो आदत के दिनों तक निफ़ास है और जितना ज़्यादा है वो इस्तेहाज़ा, जैसे आदत 30 दिन की थी इस बार 45 दिन आया तो 30 दिन निफ़ास के हैं और 15 दिन इस्तेहाज़ा के।

3️⃣ बच्चा पैदा होने से पेशतर (पहले) जो ख़ून आया  निफ़ास नहीं बल्कि इस्तेहाज़ा है अगरचे आधा बाहर आ गया हो।

4️⃣ हमल साक़ित हो गया और उस का कोई अज़ु (हिस्सा) बन चुका है जैसे हांथ, पांव या उन्गलियां तो ये ख़ून निफ़ास है। वरना अगर 3 दिन रात तक रहा और उस से पहले 15 दिन पाक रहने का ज़माना गुज़र चुका है तो हैज़ है और जो 3 दिन से पहले ही बंद हो गया या अभी पूरे 15 दिन तहारत के नहीं गुज़रे हैं तो इस्तेहाज़ा है।

5️⃣ पेट से बच्चा काट कर निकाला गया, तो उस के आधे से ज़्यादा निकालने के बाद निफ़ास है।

6️⃣ हमल साक़ित होने से पहले कुछ ख़ून आया कुछ बाद को, तो पहले वाला इस्तेहाज़ा है बाद वाला निफ़ास, ये उस सूरत में है जब कोई अज़ु (हिस्सा) बन चुका हो, वरना पहले वाला अगर हैज़ हो सकता है तो हैज़ है नहीं तो इस्तेहाज़ा।

📚 बहार ए शरीअत, जिल्द 1, हिस्सा 2, सफ़ा 377 - 378

जारी है......

✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी

Nifas Ka Bayan, Part 1, Nifas Ke Masail 

Nifas Ka Bayan Bahar E Shariat 

Nifas Kise Kahte Hain? 

Nifas Kya Hota Hai?


Post a Comment

0 Comments