निफ़ास का बयान
(पार्ट 2)
मसाइल
7️⃣ हमल साक़ित हुआ और ये मालूम नहीं कि कोई अज़ु बना था या नहीं, ना ये याद कि हमल कितने दिन का था (कि उसी से अज़ु का बनना ना बनना मालूम हो जाता यानी 120 दिन हो गए हैं तो अज़ु बन जाना क़रार दिया जाएगा) और बाद इसक़ात के ख़ून हमेशा को जारी हो गया तो उसे हैज़ के हुक्म में समझे, कि हैज़ की जो आदत थी उस के गुज़रने के बाद नहा कर नमाज़ शुरू कर दे और आदत ना थी तो दस दिन के बाद और बाक़ी वही अहकाम हैं जो हैज़ के बयान में मज़कुर हुए।
8️⃣ जिस औरत के 2 बच्चे जुड़वा पैदा हुए यानी दोनों के दरमियान 6 महीने से कम ज़माना है तो पहला ही बच्चा पैदा होने के बाद से निफ़ास समझा जाएगा, फ़िर अगर दूसरा 40 दिन के अंदर पैदा हुआ और ख़ून आया तो पहले से 40 दिन तक निफ़ास है, फ़िर इस्तेहाज़ा और अगर 40 दिन के बाद पैदा हुआ तो उस पिछले के बाद जो ख़ून आया इस्तेहाज़ा है निफ़ास नहीं मगर दूसरे के पैदा होने के बाद भी नहाने का हुक्म दिया जाएगा।
9️⃣ जिस औरत के 3 बच्चे हुए कि पहले और दूसरे में 6 महीने से कम फ़ासला है। यूँही दूसरे और तीसरे में अगरचे पहले और तीसरे में 6 महीने का फ़ासला हो जब भी निफ़ास पहले ही से है, फ़िर अगर 40 दिन के अंदर ये दोनों भी पैदा हो गए तो पहले के बाद से बढ़ से बढ़ 40 दिन तक निफ़ास है और अगर 40 दिन के बाद हैं तो उन के बाद जो ख़ून आएगा इस्तेहाज़ा है मगर उन के बाद भी ग़ुस्ल का हुक्म है।
🔟 अगर दोनों में 6 महीने या ज़्यादा का फ़ासला है तो दूसरे के बाद भी निफ़ास है।
1️⃣1️⃣ 40 दिन के अंदर कभी ख़ून आया कभी नहीं तो सब निफ़ास ही है अगरचे 15 दिन का फ़ासला हो जाए।
1️⃣2️⃣ उस के रंग के मुतल्लिक़ वही अहकाम हैं जो हैज़ में बयान हुए।
📚 बहार ए शरीअत, जिल्द 1, हिस्सा 2, सफ़ा 378
✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी
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