Ashura 10win Muharram Ka Roza

आशुरा (10वीं मुहर्रम) का रोज़ा

आशुरा दसवीं मुहर्रम का रोज़ा और बेहतर ये है कि नौवीं को भी रखे

1️⃣ सहीहैन में इब्ने अब्बास رضی اللہ تعالٰی عنہما से मरवी, कि रसूल अल्लाह “ﷺ” ने आशूरा का रोज़ा ख़ुद रखा और उसके रखने का हुक्म फ़रमाया।

2️⃣ मुस्लिम व अबु दाउद तिर्मीज़ी व नसाई अबु हुरैरा رضی اللہ تعالٰی عنہ से रावी, रसूल अल्लाह “ﷺ” फ़रमाते हैं :-

 रमज़ान के बाद अफ़जल रोज़ा मुहर्रम का रोज़ा है और फ़र्ज़ के बाद अफ़जल नमाज़ सलातुल लैल है।

3️⃣ सहीहैन में इब्ने अब्बास رضی اللہ تعالٰی عنہما से मरवी, फ़रमाते हैं :-

मैंने नबी “ﷺ” को किसी दिन के रोजा़ को और दिन पर फ़जीलत दे कर जुस्तजू फ़रमाते न देखा मगर ये आशूरा का दिन और ये रमज़ान का महीना।

4️⃣ सहीहैन में इब्ने अब्बास رضی اللہ تعالٰی عنہما से मरवी, रसूल अल्लाह “ﷺ” जब मदिने में तशरीफ़ लाए, यहुद को आशूरा के दिन रोज़ादार पाया, इरशाद फ़रमाया :- 

ये क्या दिन है कि तुम रोज़ा रखते हो? अर्ज़ की, ये अज़मत वाला दिन है कि इसमें मुसा علیہ الصلاۃ و السلام और उनकी क़ौम को अल्लाह तआला ने निजात दी और फ़िरओन और उसकी क़ौम को डुबो दिया, लिहाज़ा मुसा علیہ السلام ने बतौरे शुक्र उस दिन का रोज़ा रखा तो हम भी रोज़ा रखते हैं।

 इरशाद फ़रमाया :- 

 मुसा علیہ الصلاۃ والسلام की मुवाफ़िक़त करने में बा  निस्बत तुम्हारे हम ज़्यादा हक़दार और ज़्यादा क़रीब हैं तो हुज़ूर “ﷺ” ने ख़ुद भी रोज़ा रखा और उसका हुक्म भी फ़रमाया।

5️⃣ सही मुस्लिम में अबु क़तादा رضی اللہ تعالٰی عنہ से मरवी, रसूल अल्लाह “ﷺ” फ़रमाते हैं :-

मुझे अल्लाह पर गुमान है कि आशूरा का रोज़ा एक साल क़ब्ल के गुनाह मिटा देता है।

📚बहार ए शरीअत, जिल्द 1, हिस्सा 5, सफ़ा 1008 - 1009

✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी


Follow this link to join my WhatsApp group: https://chat.whatsapp.com/Ez5EKTrmfLB2PojMWkfU3g

Join Our Telegram group

ILM KI RAUSHNI

https://t.me/ILMKIRAUSHNI


Ashura 10win Muharram Ka Roza 

Ashura Ka Roza Aur Uski Fazilat

Das Muharram Ka Roza 

Post a Comment

0 Comments