Chalis (40) Ahadees E Shafaat Part 2



चालीस अहादीसे शफ़ाअत (पार्ट 2)

तबरानी औसत बज़्ज़ार मुसनद में मौलल मुस्लिमीन رضي الله عنه‎‎ से रावी हुज़ूर शफ़ीउल मुज़्नेबीन “ﷺ”  फ़रमाते हैं:-

أَشْفَعُ لِیْ ا ُمَّتِیْ حَتّٰی یُنَادِیَنِیْ رَبِّیْ قَدْ رَضِیْتُ یَا مُحَمَّدُ؟

فَأَقُوْلُ ؛أَیْ رَبِّ قَدْ رَضِیْتُ

तर्जमा:- मैं अपनी उम्मत की शफ़ाअत करुँगा यहां तक कि मेरा रब पुकारेगा ऐ मुहम्मद तू राज़ी हुआ? मैं अर्ज़ करुँगा ऐ रब मेरे मैं राज़ी हुआ।


     अल्लाह तआ़ला फ़रमाता है :-

आयत न. 3:-

وَاسْتَغْفِرْ لِذَنْۘبِکَ وَلِلْمُؤْ مِنِیْنَ وَالْمُؤْمِنٰتِؕ

तर्जमा:- और ऐ महबूब अपने ख़ासों और आम मुसलमान मर्दों और औरतों के गुनाहों की माफ़ी मांगो।

       इस आयत में अल्लाह तआ़ला अपने ह़बीबे अकरम “ﷺ” को हुक्म देता है कि मुसलमान मर्दों और मुसलमान औरतों के गुनाह मुझसे बख़्शवाओ और शफ़ाअत काहे का नाम है?


     अल्लाह तआ़ला फरमाता है :-

आयत न. 4:-

وَلَوْ اَنَّھُمْ اِذْ ظَلَمُوْٓا اَنْفُسَھُمْ جَآءُوْکَ فَاسْتَغْفَرُواللہ وَاسْتَغْفَرَلَھُمُ الرَّسُوْلُ لَوَجَدُواللہَ تَوَّاباً رَّحِیْماً

तर्जमा:- और अगर वह जब अपनी जानों पर ज़ुल्म करें तेरे पास हाज़िर हों फिर ख़ुदा से इस्तिग़फ़ार करें और रसूल उनकी बख़्शिश मांगे तो बेशक अल्लाह तआ़ला को तौबा क़बूल करने वाला मेहरबान पाएं।

        इस आयत में मूसलमानों को इरशाद फरमाता है कि गुनाह हो जाए तो इस नबी की सरकार में हाज़िर हो और उससे शफ़ाअत की दरख़्वास्त करो, महबूब तुम्हारी शफ़ाअत फरमाएगा तो हम यक़ीनन तुम्हारे गुनाह बख़्श देंगे।

      अल्लाह तआ़ला फरमाता है:-

आयत न. 5:-

وَ اِذَا قِیْلَ لَهُمْ تَعَالَوْا یَسْتَغْفِرْ لَكُمْ رَسُوْلُ اللّٰهِ لَوَّوْا رُءُوْسَهُمْ۔

तर्जमा:- जब इन मुनाफ़िकों से कहा जाए आओ रसूलुल्लाह तुम्हारी मग़फ़िरत मांगेंगे तो अपने सर फेर लेते हैं।

        इस आयत में मुनाफ़िकों की बदतर हालत इरशाद हुई है कि वह हुज़ूर शफ़ीउल मुज़्नेबीन “ﷺ” से शफ़ाअत नहीं चाहते और जो आज नहीं चाहते वह कल न पाएंगे और जो कल न पियेंगे वह कल (चैन) न पाएंगे (यानी अज़ाब में रहेंगे)


          हश्र में हम भी सैर देखेंगे

  मुन्किर आज उनसे इल्तिजा न करे

जारी है......

📚 चालीस (40) अहादीसे शफ़ाअत, सफ़ा 7-8

✍️आला हज़रत इमामे अहले सुन्नत मौलाना शाह अहमद रज़ा खां علیہ الرحمتہ و الرضوان


✒️✒️मिन जानिब:- इल्म की रौशनी


Follow this link to join my WhatsApp group: https://chat.whatsapp.com/DqkCskWPhbl4jL2xbh3mCE

Join Our Telegram ILM KI RAUSHNI

https://t.me/ILMKIRAUSHNI

Visit Our Blogger Website

ilmkiraushni.blogspot.com


Chalis (40) Ahadees E Shafaat Part 2

Quran Wa Hadees Ki Raushni Mein Shafaat E Mustafa صَلَّى ٱللّٰهُ عَلَيْهِ وَآلِهِ وَسَلَّمَ‎ Ke Saboot Par Intihai Mukhtasar Wa Jamea Tahreer


Chalis Ahadees E Shafaat Ismaul Arbain Fi Shafaati Sayyadil Mahboobin 


Aala Hazrat Imam E Ahle Sunnat Maulana Ash Shah Imam Ahmad Raza Khan علیہ الرحمتہ و الرضوان

क़ुरआन व हदीस की रौशनी में शफ़ाअत ए मुस्तफ़ा ﷺ के सबूत पर इन्तिहाई मुख़्तसर व जामेअ तहरीर

चालीस अहादीसे शफ़ाअत

इस्माउल अरबईन फ़ी शफ़ाअति सय्यदिल महबूबीन

मुसन्निफ़:- आला हज़रत इमामे अहले सुन्नत मौलाना शाह अहमद रज़ा खां علیہ الرحمتہ و الرضوان

Post a Comment

0 Comments