रबी उल अव्वल की ख़ूबियां, (पार्ट 7)
ज़ियारते रसूल “ﷺ” के वज़ीफ़े :-
(1) रबी उल अव्वल शरीफ़ में दुरूद शरीफ़ कसरत से पढ़िए। पहली तारीख़ से 12 तारीख़ तक रोज़ाना एक हज़ार मरतबा ये दुरूदे पाक पढ़ना अफ़ज़ल है :-
اَللّٰھُمَّ صَلِّ عَلٰى سَيِّدِنَا مُحَمّدٍ نِ النِّبِىِّ الْاُمِّى وَعَلٰى اٰلِه وَ بَارِكْ وَسَلِّمْ
जो शख़्स ये दुरूद शरीफ़ पढ़ कर बा वज़ू सोए انشاء اللہ ज़ियारते रसूल “ﷺ” नसीब होगी।
(2) जो कोई इस महीने की तमाम तारीख़ों में इशा की नमाज़ के बाद ये दुरूदे पाक :-
اَللّٰھُمَّ صَلِّ عَلٰى مُحَمّدٍ وَّعَلٰٓى اٰلِ مُحَمّدٍ كَمَا صَلَّيتَ عَلٰى اِبْرَاهِىْمَ وَعَلٰى اٰلِ اِبْرَاهِىْمَ اِنَّكَ حَمِيْدٌ مَّجِيْدٌ
1125 मरतबा पढ़े तो انشاء اللہ ख़्वाब में ज़रूर नबिय्ये करीम “ﷺ” की ज़ियारत करेगा।
(3) अगर कोई इस मुबारक महीने में ये दुरूद शरीफ़ :-
اَلصَّلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلِيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه
सवा लाख मरतबा पढ़े तो हुज़ूर पुरनूर “ﷺ” की ज़ियारत से नवाज़ दिया जाएगा।
(4) मुहिब्बे आला हज़रत अल्लामा शाह मुहम्मद रुक्नुद्दीन رحمتہ اللہ تعالیٰ علیہ लिखते हैं :- जब रबी उल अव्वल का चांद नज़र आए तो इस रात 2-2 रक्अत कर के 16 रक्अत नफ़्ल पढ़े। हर रक्अत में अल हम्द शरीफ़ के बाद " قُل هُوَاللّٰهُ أَحَد " तीन तीन मरतबा पढ़े। जब 16 रक्अत पढ़ ले तो ये दुरूद शरीफ़ एक हज़ार मरतबा पढ़े :-
اَللّٰھُمَّ صَلِّ عَلٰى مُحَمّدِ نِ النَّبِىِّ الْاُمِّىِّ رَحْمَةُ اللّٰهِ وَبَرَكَاتُه
और 12 रोज़ तक येह पढ़ता रहे तो हुज़ूर सरापा नूर “ﷺ” की ख़्वाब में ज़ियारत होगी। मगर इशा की नमाज़ के बाद इसको पढ़ा करे और फ़िर बा वज़ू सोया करे।
📚 रबी उल अव्वल की ख़ूबियां, सफ़ा 9 - 11
जारी है......
✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी
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Rabi Ul Awwal Ki Khoobiyan, Part 7.
Ziyarat E Rasool ﷺ Ke Wazife.

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