रबी उल अव्वल की ख़ूबियां (पार्ट 8)
ख़ुश रहने का वज़ीफ़ा
जो कोई रबी उल अव्वल की बारहवीं तारीख़ को ये कलिमात पढ़े वोह पूरा साल ख़ुश रहेगा और ये भी मन्कूल है कि वो बे हिसाब जन्नत में जाएगा। वो कलिमात ये हैं :-
(1) بِسْمِ اللّٰهِ الرِّحْمٰن الرَّحِيْمِ
(2) يَا اَللّٰهُ
(3) يَا غَفُوْرُ
(4) يَا رَحِيْمُ
(5) يَا حَنَّانُ
(6) يَا مَنَّانُ
(7) يَا دَيَّانُ
(8) يَا سُبْحَانُ
ऊपर जो आठ (8) पॉइंट लिखे गए हैं सभी को सात - सात (7) मर्तबा पढ़ना है।
हमारे प्यारे आक़ा “ﷺ” अल्लाह करीम की अज़ीम नेअमतो रहमत हैं और रहमते इलाही मिलने पर ख़ुशी मनाने और नेअमते ख़ुदावन्दी का चरचा करने का हुक्म तो ख़ुद अल्लाह पाक ने इरशाद फ़रमाया है जैसा कि इरशादे बारी तआला है :-
قُلْ بِفَضْلِ اللّٰهِ وَ بِرَحْمَتِه فَبِذٰلِكَ فَلْيَفْرَ حُوْا هُوَ خَيْرٌ مِّمَّا يَجْمَعُوْنَ (پ 11، یونس 58)
तर्जमा कन्ज़ुल ईमान :- तुम फ़रमाओ अल्लाह ही के फ़ज़्ल और उसी की रहमत और उसी पर चाहिए कि ख़ुशी करें वो उन के सब धन दौलत से बेहतर है।
وَاَمَّا بِنِعْمَةِ رَبِّكَ فَحَدِّثْ (پ 30 ، الضحی 11)
तर्जमा कन्ज़ुल ईमान :- और अपने रब की नेअमत का ख़ूब चरचा करो।
الحمد اللہ
दुनिया भर में मुसलमान इस हुक्मे क़ुरआनी पर अमल करते हुए माहे रबी उल अव्वल में मीलाद की महफ़िलें सजाते हैं जिस में प्यारे मुस्तफ़ा “ﷺ” का ज़िक्रे विलादत और आप की शानो अज़मत बयान की जाती है जो एक मुस्तहब और आला तरीन काम है।
📚 रबी उल अव्वल की ख़ूबियां, सफ़ा 11 - 12
जारी है......
✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी
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Rabi Ul Awwal Ki Khoobiyan, Part 8.
Khush Rahne Ka Wazifa

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