रबी उल अव्वल की ख़ूबियां (पार्ट 9)
मीलाद शरीफ़ का मक़सद
मजलिसे मीलादे पाक अफ़ज़ल तरीन मन्दूबात (मुस्तहब्बात) और आला तरीन मुस्तहसनात (नेक कामों में) से है। हज़रत ए सय्यदना अल्लामा अब्दुर्रहमान बिन जौज़ी رحمتہ اللہ تعالیٰ علیہ फ़रमाते हैं :- मीलाद मनाने में शैतान की तज़्लील (यानी ज़िल्लतो रुस्वाई) और अहले ईमान की तक़्वियत (यानी मज़बूती) है।
हज़रते सय्यदना इमाम जलालुद्दीन अब्दुर्रहमान सुयूती رحمتہ اللہ تعالیٰ علیہ फ़रमाते हैं :- नबिय्ये पाक “ﷺ” की विलादत मनाने वाले को सवाब मिलता है कि इस में हुज़ूर “ﷺ” की ताज़ीम और आप की विलादते बा सआदत पर ख़ुशी व शादमानी का इज़हार है। हमारे लिए मुस्तहब है कि हुज़ूर “ﷺ” की विलादत पर इज़्हारे शुक्र के लिए इज्तिमाअ करें , खाना खिलाएं और इसी तरह की दूसरी नेकियां करें नीज़ ख़ुशी व मसर्रत का इज़हार करें ।
📚 रबी उल अव्वल की ख़ूबियां, सफ़ा 12-13
जारी है.......
✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी
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Rabi Ul Awwal Ki Khoobiyan, Part 9.
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