Rabi Ul Awwal Ki Khoobiyan Part 3. Shab Qadr Se Afzal Raat

 


रबी उल अव्वल की ख़ूबियां, (पार्ट 3)

शबे क़द्र से अफ़ज़ल रात

उलमा ए किराम ने इस बात को वाज़ेह अल्फ़ाज़ में तहरीर फ़रमाया है कि जिस रात , हमारे प्यारे प्यारे आक़ा, मक्की मदनी मुस्तफ़ा “ﷺ” की विलादते बा सआदत हुई वो शबे क़द्र से भी अफ़ज़ल है। जैसा कि हज़रत ए सय्यदना शैख़ अब्दुल हक़ मुहद्दिसे देहलवी رحمتہ اللہ تعالیٰ علیہ लिखते हैं :- बेशक सरवरे आलम “ﷺ” की विलादत की रात शबे क़द्र से भी अफ़ज़ल है। हज़रत ए सय्यदना अल्लामा अबू अब्दुल्लाह मुहम्मद बिन अहमद मरज़ूक़ तिल्मसानी رحمتہ اللہ تعالیٰ علیہ ने शबे विलादते मुस्तफ़ा के शबे क़द्र से अफ़ज़ल होने पर "جَنَى الْجَنَّتَيْنِ فِىْ شَرَفِ اللَّيْلَتَيْنِ" के नाम से एक किताब लिखी है जिस में दोनों रातों के फ़ज़ाइल और शबे विलादत के अफ़ज़ल होने पर दलाइल बयान फ़रमाए हैं।

📚 रबी उल अव्वल की ख़ूबियां, सफ़ा 4

जारी है.....

✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी 


Shabe Qadr Se Afzal Raat

Follow this link to join my WhatsApp group: https://chat.whatsapp.com/DqkCskWPhbl4jL2xbh3mCE

Join Our Telegram group

ILM KI RAUSHNI

https://t.me/ILMKIRAUSHNI

Visit Our Blogger Website

http://ilmkiraushni.blogspot.com

Post a Comment

0 Comments