सेहरी व इफ़्तार का बयान, पार्ट 2
हदीस शरीफ़
13. अहमद व तिर्मीज़ी व इब्ने ख़ुज़ैमा व इब्ने हब्बान अबु हुरैरा رضی اللہ تعالیٰ عنہ से रावी, कि रसूलल्लाह “ﷺ” फ़रमाते हैं :- कि अल्लाह عزوجل ने फ़रमाया :- मेरे बंदों में मुझे ज़्यादा प्यारा वो है, जो इफ़्तार में जल्दी करता है।
14. तिबरानी अवसत में यअ़ला बिन मर्रह رضی اللہ تعالیٰ عنہ से रावी, कि फ़रमाया :- तीन चीज़ों को अल्लाह عزوجل महबूब रखता है। इफ़्तार में जल्दी करना और सेहरी में ताख़ीर और नमाज़ में हाथ पर हाथ रखना।
15. अबु दाउद व इब्ने ख़ुज़ैमा व इब्ने हब्बान अबु हुरैरा رضی اللہ تعالیٰ عنہ से रावी, कि रसूलल्लाह “ﷺ” फ़रमाते हैं :- ये दीन हमेशा ग़ालिब रहेगा, जब तक लोग इफ़्तार में जल्दी करते रहेंगे कि यहूदो नसारा ताख़ीर करते हैं।
16. इमाम अहमद व अबु दाउद व तिर्मीज़ी व इब्ने माजा व दारमी सलमान बिन आ़मिर ज़बी رضی اللہ تعالیٰ عنہ से रावी, हुज़ूर ए अक़दस “ﷺ” फ़रमाते हैं :- जब तुम में कोई रोज़ा इफ़्तार करे तो खुजुर या छोहारे से इफ़्तार करे कि वो बरकत है और अगर ना मिले तो पानी से कि वो पाक करने वाला है।
17. अबु दाउद व तिर्मीज़ी अनस رضی اللہ تعالیٰ عنہ से रावी, कि हुज़ूर “ﷺ” नमाज़ से पहले तर खुजुरों से रोज़ा इफ़्तार फ़रमाते, तर खुजुरें ना होतें तो चन्द ख़ुश्क खुजुरों से और अगर ये भी ना होते तो चन्द चुल्लू पानी पीते।
अबु दाउद ने रिवायत की, कि हुज़ूर “ﷺ” इफ़्तार के वक़्त ये दुआ़ पढ़ते :-
اَللّٰھُمَّ لَكَ صُمْتُ وَ عَلىٰ رِزْقِكَ اَفْطَرْتُ.
18. निसाइ व इब्ने ख़ुज़ैमा ज़ैद बिन ख़ालिद जहनी رضی اللہ تعالیٰ عنہ से रावी, कि फ़रमाया :- जो रोज़ा दार का रोज़ा इफ़्तार कराए या ग़ाज़ी का सामान कर दे तो उसे भी उतना ही मीलेगा।
19. तिबरानी कबीर में सलमान फ़ारसी رضی اللہ تعالیٰ عنہ से रावी, कि रसूलल्लाह “ﷺ” फ़रमाते हैं :- जिसने हलाल खाने या पानी से रोज़ा इफ़्तार कराया। फ़रिश्ते माहे रमज़ान के अवक़ात में उसके लिए इस्तिग़फ़ार करते हैं और हज़रत ए जिबरइल علیہ الصلاۃ و السّلام शबे क़द्र में उस के लिए इस्तिग़फ़ार करते हैं।
और एक रिवायत में है, जो हलाल कमाई से रमज़ान में रोज़ा इफ़्तार कराए, रमज़ान की तमाम रातों में फ़रिश्ते उस पर दुरुद भेजते हैं और शबे क़द्र में हज़रत ए जिबरइल علیہ الصلاۃ و السلام उससे मुसाफ़ह करते हैं।
और एक रिवायत में है, जो रोज़ा दार को पानी पिलाएगा, अल्लाह तआ़ला उसे मेरे हौज़ से पिलाएगा कि जन्नत में दाख़िल होने तक पियासा ना होगा।
📚 बहार ए शरीअ़त, जिल्द 1, हिस्सा 5, सफ़ा 1001 - 1002
सेहरी व इफ़्तार का बयान मुकम्मल हुए।
✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी
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