Maidan E Karbala, Part 1

 

मैदान ए कर्बला 

(पार्ट 1 )

मैदान ए कर्बला 

10 मुहर्रम उल हराम 61 हिजरी में तारीख़े इस्लाम का एक इन्तहाई दर्दनाक वाक़्या पेश आया कि जब ख़ानदान ए अहले बैत और उनके जांनिसार रुफ़क़ा को यज़ीदी लश्कर ने भुख प्यास की हालत में शहीद कर दिया। जहां ये तारीख़ी वाक़्या रुनुमा हुआ उस जगह का नाम "कर्बला" है। कर्बला नजफ़ से 80 किलोमीटर और बग़दाद से 103 किलोमीटर के फ़ासले पर नहरे फ़ुरात के क़रीब वाक़ेअ़ है जबकि कुफ़ा से तक़रीबन 75 किलोमीटर दूर है। पहले ये सेहरा था लेकिन अब ये मुल्के इराक़ का शहर है।

कर्बला की लुग़वी व तारीख़ी हैसियत :-

कर्बला दो अल्फाज़ "कर्ब व बला" मुरक्कब है। कुछ अहले लोग़त ने कहा कि ये "कर्बला (छानी हुई गेंहूं)" या "कर्बलतुन (दलदली ज़मीन)" से माख़ूज़ है इसलिए कि वहां की ज़मीन कन्करों से ख़ाली और नर्म है। एक क़ौल के मुताबिक़ "कर्बल" एक जड़ी बुटी का नाम है जो वहां उगती थी इसलिए उस जगह का नाम कर्बला पड़ गया। अहादीस मुबारका में इस जगह का ज़िक्र "नैनुआ" और "तुफ़" के नामों से भी आया है।

जारी है.......

📚 माहनामा फ़ैज़ान ए मदीना अक्टूबर 2017

✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी



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