हज़रते सिद्दीक़ ए अकबर رضی اللہ تعالیٰ عنہ के 15 बेमिसाल फ़ज़ाइल
(पार्ट - 2)
(1,2) ثَانِىَ اثْنَيْنِ :-
अल्लाह पाक ने आप رضی اللہ تعالیٰ عنہ के लिए क़ुरआने मजीद में "صَاحِبِه" यानी "नबी के साथ" और "ثَانِىَ اثْنَيْنِ" (दो में से दुसरा) फ़रमाया, ये फ़रमान किसी दूसरे के हिस्से में नहीं आया।
(3) नामे सिद्दीक़ :- आप رضی اللہ تعالیٰ عنہ का नाम सिद्दीक़ आपके रब ने रखा, आप के अलावा किसी का नाम सिद्दीक़ ना रखा।
(4) रफ़ीक़े हिजरत :- जब कुफ़्फ़ारे मक्का के ज़ुल्म व सितम और तकलीफ़ रसानी की वजह से नबी ए अकरम “ﷺ” ने मक्का मुअज़मा से हिजरत फ़रमाई तो आप رضی اللہ تعالیٰ عنہ ही सरकारे दो आलम “ﷺ” के रफ़ीक़े हिजरत थे।
(5) यारे ग़ार :- इसी हिजरत के मौक़े पर सिर्फ़ आप رضی اللہ تعالیٰ عنہ ही रसूलुल्लाह “ﷺ” के यारे ग़ार रहे।
जारी है.....
📚 माहनामा फ़ैज़ाने मदीना, फ़रवरी 2020, सफ़ा 31
✒️✒️ मिन जानिब :- इल्म की रौशनी

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